इजरायल में मिली 3300 साल पुरानी गुफा, मिस्र के बादशाह के समय के दुर्लभ तीर और भाले मिले!

इजरायल में मिली 3300 साल पुरानी गुफा, मिस्र के बादशाह के समय के दुर्लभ तीर और भाले मिले!

इजरायल के पुरातत्‍वविदों की एक टीम को एक ऐसे गुफा की खोज की है जिसे 3300 साल पहले सील कर दिया गया था। इस गुफा में कई प्राचीन चीजें मिली हैं। इसमें मिट्टी के बर्तनों के टुकड़े और कांस्य कलाकृतियां शामिल हैं। यह गुफा राजधानी तेल अवीव के दक्षिण में एक समुद्र तट से कुछ गज दूरी पर स्थित है। इस गुफा को रामेसेस द्वितीय का बताया जा रहा है। रामेसेस को रामसेस या रामेस भी कहा जाता है। रामसेस ने प्राचीन मिस्र के इस इलाके पर जो कि अब इजरायल है, 1279 से 1212 ई.पू. तक शासन किया था।

रामसेस के समय की मिली कलाकृतियां इजरायल एंटीक्‍यूटीज अथॉरिटी (IAA) की टीम को रामसेस के समय के मिट्टी के बर्तनों के टुकड़े और कांसे की कुछ कलाकृतियां भी मिलीं। गुफा में मिले बर्तनों में कई कटोरे भी हैं, जिनमें कुछ पर लाल पेंट है। वहीं कुछ खाना बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बर्तन हैं तो कई ऐसे बर्तन हैं जिनमें सामान को सुरक्षित रखा जाता है। साथ ही पुराने तरीके के लैंप, तीर और भाले भी मिले हैं। वहीं एक इंसानी हड्डियों का ढांचा भी गुफा में मिला है।

3300 से नहीं छुए गए सामान गुफा में कुछ शिल्प ऐसे भी मिले जो स्थानीय नहीं हैं। कुछ मिट्टी के बर्तनों का निर्माण सीरिया, लेबनान और साइप्रस में किया गया हो सकता है। बताया जा रहा है कि ये सारा वह सामान है जो मृतक के साथ उनकी अंतिम यात्रा पर जाने के लिए दफन किया गया था। इन्‍हें लगभग 3,300 साल पहले रखा गया था और इन्‍हें किसी ने नहीं छुआ है। ऐसा माना जा रहा है कि मृत्यु के बाद मृतक के पास ये सामान छोड़ दिए गए थे। उस समय ऐसी मान्यता होगी कि इससे मृतक को मदद मिल सकती है।

गुफा में मिला है एक कंकाल यह गुफा रविवार को उस समय मिली जब एक मैकेनिक, प्‍लामाहिम नेशनल पार्क की छत पर कुछ काम कर रहा था। इसके बाद पुरातत्‍वविदों ने सीढ़ी की सहायता से इसे परखा और फिर उन्‍हें चौकोर आकार की एक गुफा का पता लगा। यह सब देखकर टीम हैरान रह गई। इस गुफा में एक कंकाल मिला है और यह गुफा के किनारे दो चौकोर प्‍लॉट में मिला है। अब आईएए की टीम जहाजों पर किसी भी कार्बनिक अवशेष का विश्लेषण करने की योजना बना रही है ताकि वह इसके बारे में और पता लगा पाएं।

रेमेसेजी द्वितीय की है ये गुफा? आईएए के विशेषज्ञ अली यान्‍नाई ने कहा, ‘यह गुफा कांसे युग में अंतिम संस्‍कार के रिवाजों के बारे में पूरी सटीक तस्‍वीर मिल सकेगी।’ उनका कहना है कि यह एक असाधारण घटना है और जीवन में एक ही बार इस तरह की खोज हो पाती है। उन्‍होंने इस तरफ भी इशारा किया कि हो सकता है इस गुफा में कुछ अवशेष सील हालत में भी मिल सकते हैं। यह गुफा रेमेसेजी द्वितीय के शासन काल की है जिन्‍होंने कनान पर नियंत्रण किया था। यह वह सीमा है जिसके तहत आज इजरायल और फिलीस्‍तीन आते हैं। रामेसस द्वितीय का साम्राज्य आधुनिक सूडान से सीरिया तक फैला हुआ था।

रामेसेस की गुफा मिलने से हैरान पूरी दुनिया अली यान्नाई ने कहा कि गुफा की खोज की खबर अकादमिक जगह में जंगल में आग की तरह फैल गई है। हो भी क्यों न… आखिर ये सब ऐसा है जैसे हकीकत में इंडियाना जोन्स(एक चर्चित हॉलीवुड फिल्म) का सेट हो। यह खोज अतुल्य है। इस तरह की गुफाओं की कभी खोज नहीं हो पाई और यह 3300 साल से ऐसी ही हैं, जिन्हें किसी ने कभी नहीं छुआ है। उन्होंने कहा कि चूंकि गुफा सील कर दी गई थी इसलिए इसका अधिकांश हिस्सा लूट से बच गया।

क्या गुफा को लूटा गया? आईएए के बयान से यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या कोई मानव अवशेष या कोई शिलालेख या कलाकृतियां जो संभवतः व्यक्तियों की पहचान कर पाएं, गुफा में पाए गए थे। आईएए ने अपनी खोज के बाद गुफा को फिर से सील और संरक्षित कर दिया है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि इसे हाल में ही लूटा गया था। बयान के मुताबिक लुटेरे कौन थे, इसकी जांच की जा रही है।

प्राचीन मिस्र का सबसे शक्तिशाली राजा रामेसेस द्वतीय रामेसेस प्राचीन मिस्र का सबसे प्रसिद्ध और शक्तिशाली फैरो था। रामेसेस की मृत्यु के बाद मिस्र कमजोर पड़ गया और फिर विदेशी साम्राज्यों का प्रांत बन गया। रामेसेस 14 वर्ष की उम्र में मिस्र का उत्तराधिकारी और युवराज बना और 90 की उम्र तक शासन करता रहा जो की अब तक का सबसे लंबा शासन काल माना जाता है। अपने शासन काल की शुरुआत में उसने पहले स्मारक और मंदिर बनाने और नगर बसाने पर ध्यान दिया। उसने पी रामेसेस नाम का नगर बसाया और फिर उसे अपनी नई राजधानी बनाई ताकि सीरिया पर हमला किया जा सके।

Ronak Lakhani

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