‘मैं पक्का कह रहा हूं, धोनी तब खुश नहीं थे’, स्वान ने याद किया 2011 वर्ल्ड कप का एक किस्सा

‘मैं पक्का कह रहा हूं, धोनी तब खुश नहीं थे’, स्वान ने याद किया 2011 वर्ल्ड कप का एक किस्सा

इस मुकाबले में एक घटना हुई थी जो इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर ग्रीम स्वान ने याद की है। भारत ने 338 रन बनाए थे लेकिन इंग्लैंड भी एंड्रयू स्ट्रॉस (158) और इयान बेल (69) के दम पर टारगेट की ओर बढ़ता जा रहा था। लेकिन मैच के अंत में भारत की गेंदबाजी शानदार रही और जीत मिल ग

ग्रीम स्वान ने cricket.com पर एक वीडियो में बात करते हुए कहा, “हम जीत रहे थे, हम सब चेजिंग रूम में हंस रहे थे और मजाक कर रहे थे। हमको लग रहा था भारत 20 रन पीछे रह गया। हम मैच में बड़े अच्छे थे। जब अचानक पीयूष चावला ने कुछ विकेट चटका दिए। हम दबाव में आ गए और अचानक ही हम मैच को गंवाने की स्थिति में थे।

फिर हम जीत नहीं पाए। और जैसा की वनडे क्रिकेट में होता है गेंदबाज बाद में हावी हो गए। मैं चावला को एक छक्का मारा। वह गुगली गेंद मैंने पढ़ ली थी और उसको एक छक्का मारा जिससे कुछ हद तक फिर से गेम में हमारी वापसी हो गई।”

इस तरह से यह मुकाबला टाई हो गया और अब ‘सर’ बन चुके एंड्रयू स्ट्रॉस को मैन ऑफ द मैच दिया गया था। स्वान ने 9 गेंदों पर 15 रनों की अहम पारी खेली। भारत की ओर से भी एक शतक लगा था जब सचिन तेंदुलकर ने 115 गेंदों पर 120 रनों की बढ़िया पारी खेली थी। गंभीर और युवराज सिंह के बल्ले से तेज अर्धशतक निकले थे। धोनी ने 25 गेंदों पर 31 रनों की पारी खेली थी।

Ronak Lakhani

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