भारत का एक ऐसा गांव, जहां पर भारत की जमीन खत्म होती है और खूबसूरत पर्यटक स्थल भी है

भारत का एक ऐसा गांव, जहां पर भारत की जमीन खत्म होती है और खूबसूरत पर्यटक स्थल भी है

भारत देश अपनी संस्कृति और सभ्यता के लिए जाना जाता है, बीते समय के साथ ही बड़े-बड़े महानगरों में तो संस्कृति और सभ्यता में पाश्चुरीकरण हो गया। जिससे महानगरों का दृश्य पूरी तरह बदलता हुआ नजर आ रहा है, परंतु भारत देश मैं कुछ ऐसी जगह भी है, जहा अभी भी देश की संस्कृति और सभ्यता नजर आती है वह गांव है।

भारत देश अनेको गांव (Village) से मिलकर बना है। यदि हम गांव की बात करें तो गांव वह जगह है, जहां व्यक्ति अपने उम्र बढ़ा सकता है खेतों का शुद्ध अनाज प्रदूषण रहित वातावरण और वृक्षों से आने वाली शुद्ध हवा शहर के एसी कूलर और पैकेट बंद खाना से काफी ज्यादा बेहतर होती है।

देश में कई ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें घूमना फिरना बेहद पसंद होता है, वे गांव से लेकर शहर तक उन चीजों की खोज करते हैं जिन्हें व्यक्ति आसानी से जान नहीं पाता। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको एक ऐसी अनोखी जगह के बारे में बताने वाले हैं, जो शायद आप अभी तक नहीं जानते होंगे।

हम बात कर रहे हैं भारत देश के उस आखिरी गांव (Last Village Of India) की जो पर्यटक का केंद्र बना हुआ है, उस गांव का नाम बिंदु है, तो आइए विस्तार से जाने इस बिंदु गांव (Bindu Village) के बारे में।
बिंदु गांव की खूबसूरती

भारत और भूटान की बॉर्डर (Indo-Bhutan Border) पर स्थित बिंदु गांव चारों तरफ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और मनोरम दृश्य के लिए जाना जाता है। बिंदु गांव के शुरू होते ही जैसे जैसे ही पर्यटक आगे बढ़ता है, वैसे-वैसे उसकी प्राकृतिक सुंदरता में मगन हो जाता है।

चारों तरफ चाय के बगीचे की हरियाली से गुजरता हुआ रास्ता कम आबादी के बीच वह जगह किसी स्वर्ग जैसी प्रतीत होती है। भारत और भूटान की सीमा पर स्थित यह गांव बर्फीली चोटियों से ढका हुआ है और चारों तरफ हरियाली के लिए वृक्षों की सौगात दिखाई पड़ती है। जो व्यक्ति प्राकृतिक सौंदर्य को बेहद पसंद करता है, उसके लिए यह जगह किसी खजाने से कम नहीं।

पर्यटक यहां पर अपने मित्रों और पार्टनर के साथ आते हैं और तंबू लगाकर अलाव जलाकर सर्द रातें बिताते हैं, यह दृश्य किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं होता लोग ऐसा समय अपनी वास्तविक जीवन में भी जी सकते हैं। जो बिंदु गांव आकर संभव हो जाता है।

फोटोग्राफी के शौकीन व्यक्तियों को यह जगह बहुत ज्यादा पसंद आने वाली है, क्योंकि यहां के ऊंचे ऊंचे बर्फ से ढके पहाड़ चारों तरफ हरियाली और बहती हुई नदी जैसा दृश्य खूब भाने वाला है बिंदु गांव की इस नदी पर जल ढाका पनबिजली परियोजना है।

इस परियोजना को भूटान की आधी अर्थव्यवस्था कहा जाता है। इस गांव में आप दो देश की सभ्यताओं से मिलेंगे जो आपको काफी आकर्षित करने वाली हैं। आगे के लेख में आप जानेंगे कि इस गांव में और कौन-कौन सी जगह है, जो दर्शनीय हैं। जाने कौन-कौन सी है वे जगह

1. बर्ड सेंचुरी पक्षी अभ्यारण
बर्ड सेंचुरी जलढाका नदी के किनारे बनाया गया पक्षी अभ्यारण है। यह जगह साल के 12 महीने और 24 घंटे रंग-बिरंगे और कई प्रजातियों के पक्षियों से भरा रहता है पक्षी प्रेमी यहां आकर कई तरह के दुर्लभ प्रजातियों के पक्षियों को देख सकते हैं। यहां इरूसियन व्रीनेक, ब्राउन डिपर, स्लाटी बैकड फोर्कटेल, क्रेस्टेड किंगफिशर, लिटिल फोर्कटेल आदि जैसे पक्षी शामिल है।

2. टोडी-टंग्टा ट्रेक, हाइकिंग प्लेस
टोडी-टंग्टा ट्रेक काफी छोटा ट्रक है, जहां लोग हाइकिंग करते हुए आगे बढ़ते हैं और इसी ट्रक से चलते हुए वे न्योरा घाटी राष्ट्रीय उद्यान के लिए जाते है, इस छोटे से रास्ते की खूबसूरती लोगों के दिल में एक बहुत अच्छी छाप छोड़ते हैं।

3. इलाइची पहाड़ी और बिंदु हाट
बिंदु गांव से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर इलायची के पहाड़ स्थित है, जहां पर आदिवासी लोग इलायची को उपयोग करने लायक बनाते हैं आप यहां आकर संपूर्ण प्रक्रिया अपनी आंखों से देख सकते हैं और समझ सकते हैं कि कितनी मेहनत के बाद लोगों तक यह इलायची पहुंचती है। इन जगहों के अलावा बिंदु गांव का बाजार भी काफी प्रसिद्ध है आप इस बाजार में भारत और भूटान की सभ्यता और संस्कृति को बहुत ही पास से देख सकते हैं।

रुकने की सुविधाएं
बिंदु गांव में पर्यटकों को रोकने के लिए वन विभाग के द्वारा काफी अच्छी जगह है निर्धारित की गई है और यदि कोई वन विभाग के द्वारा निर्धारित जगह पर नहीं रुकना चाहता तो वह निजी होटल भी बुक कर सकता है इस गांव में रुकने की सारी बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध है।

जाने कब और कैसे इस जगह पर जाया जा सकता है
बिंदु गांव जंगलों और पहाड़ों की खूबसूरती को समेटे हुए है, इसीलिए इस खूबसूरत गांव की यात्रा का सबसे अच्छा समय ठंडी का मौसम होता है। इस समय यह गांव अपनी खास खूबसूरती के साथ पर्यटकों के लिए उपलब्ध होता है। व्यक्ति अक्टूबर से मार्च के महीने में इस पर्यटक स्थल की यात्रा कर सकता है।

साथ ही आपको बता दें बिंदु गांव पश्चिम बंगाल के कालिम्पोंग जिले के अंतर्गत आता है, यह सिलीगुड़ी (Siliguri) से करीब 107 किलोमीटर दूर है। इस गांव तक पहुंचने के लिए आप यातायात के किसी भी माध्यम का उपयोग कर सकते हैं यहां पर सड़क मार्ग, रेल मार्ग, हवाई मार्ग तीनों की सुविधा है।

Ronak Lakhani

Ronak Lakhani