भारत के करीबी ‘दोस्त’ ने तैयार किया भविष्य का अटैक हेलीकॉप्टर, कई देशों की नींद उड़ी

भारत के करीबी ‘दोस्त’ ने तैयार किया भविष्य का अटैक हेलीकॉप्टर, कई देशों की नींद उड़ी

दुनिया के सभी विकसित और विकासशील देश खुद को मजबूत करने में जुटे हैं। साथ ही सभी की प्राथमिकता हाईटेक लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टर्स को बनाने की है। इस कड़ी में अमेरिका को एक बड़ा कामयाबी मिली है, जहां उसने फ्यूचर अटैक रिकॉन्सेंस एयरक्राफ्ट (FARA) तैयार कर लिया है। इसे आमभाषा में ‘भविष्य का अटैक हेलीकॉप्टर’ भी कहा जा रहा। आइए जानते हैं क्या है इसकी खासियत-


2018 में शुरू हुआ प्रोजेक्ट दरअसल अमेरिकी वायुसेना को लंबे वक्त से एडवांस हेलीकॉप्टर्स की जरूरत थी, जो जासूसी के साथ दुश्मन पर हमला कर सके। इसी वजह से उसने 2018 में एक प्रोग्राम शुरू किया, जिसके अंतर्गत भविष्य के लड़ाकू हेलीकॉप्टर्स को बनाया जाना था। इसका जिम्मा बेल (Bell) नाम की कंपनी ने लिया था, जिसको काफी हद तक कामयाबी मिल गई है।

क्या है नाम? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हेलीकॉप्टर का नाम 360 इनविक्टस रखा गया है। ये एक मल्टीरोल हेलीकॉप्टर है, जिसका इस्तेमाल निगरानी, जासूसी और हमले के लिए किया जाएगा। पहले तो अमेरिका ने इस प्रोजेक्ट को काफी ज्यादा सीक्रेट रखा, लेकिन अब इसकी खासियतें पता चल रही हैं। साथ ही इसका एक वीडियो भी सामने आया है।

इंजन है काफी खास रिपोर्ट्स के मुताबिक इस एडवांस हेलीकॉप्टर को उड़ाने के लिए दो पायलट की जरूरत पड़ेगी और इसमें एक ही इंजन होगा। इंजन को काफी मजबूत बनाया जा रहा, ताकि ये आसानी से अपने मिशन को अंजाम दे सके। बताया जा रहा कि इसका इंजन जनरल इलेक्ट्रिक का T901 टर्बोशाफ्ट है, जो खासतौर पर अमेरिकी सेना के लिए डेवल्प किया जा रहा, लेकिन अभी इसकी आधिकारिक पुष्टी नहीं हो पाई है।

क्या रहेगी रफ्तार? वहीं अन्य खासियत की बात करें तो ये 330 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकेगा, जिसमें चार ब्लेड का रोटर मदद करेगा। इसके अलावा इसमें एक 20 मिमी की कैनन गन होगी। एक पायलट इस हेलीकॉप्टर को उड़ाएगा, जबकि दूसरा इसके मशीनगन, राकेट आदि को फायर करेगा।

हैमर जैसी मिसाइल लगेगी इस हेलीकॉप्टर में साइटिंग ऑप्टिक्स और लेजर डेसिगनेटर भी लगाया गया, इसकी मदद से लेजर गाइडेड मिसाइल अपने लक्ष्य को सटीकता से भेद सकेगी। वैसे तो अभी इसकी मिसाइल्स के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है, लेकिन इसमें हैमर जैसी मिसाइल के इस्तेमाल की चर्चा हो रही है।

कार्गो प्लेन के अंदर होगा फिट एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसमें एक ही इंजन लगा है, जिस वजह से ये काफी हल्का होगा और आराम से 250 किलोमीटर की युद्धक रेंज भी हासिल कर लेगा। अभी तक इसका 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, लेकिन कंपनी अमेरिकी सेना की जरूरतों को देखते हुए इसमें बदलाव कर रही है। सबसे बड़ी बात ये है कि ये बड़े कार्गो प्लेन में आराम से सेट हो जाएगा, जिससे इसको कहीं भी ले जाया जा सकेगा। इसके अलावा इसकी टेकऑफ और लैंडिंग भी काफी आसान है, जिस वजह से इसको भविष्य का हेलीकॉप्टर कहा जा रहा है।

क्या भारत आएंगे? भारत और अमेरिका के बीच काफी अच्छे संबंध है। अमेरिका भारत का रक्षा सहयोगी भी है, जिस वजह से वो लगातार हमारी वायुसेना को लड़ाकू हेलीकॉप्टर्स उपलब्ध करवा रहा। साल 2019 में अमेरिकी की कंपनी ने भारतीय वायुसेना के लिए अपाचे हेलीकॉप्टर्स की डिलीवरी की थी। इसके अलावा 2019 में ही अमेरिकी कंपनी ने चिनूक की भी डिलीवरी की। ये दोनों हमारे देश की रक्षा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में भविष्य में अगर भारत ने मांग की तो ‘360 इनविक्टस’ की भी सप्लाई हो सकती है।

Ronak Lakhani

Ronak Lakhani