सस्ता हैं बीएस नंबर प्लेट लेना, मात्र 2 साल का देना हैं टैक्स, सामान्य प्लेट पर लगता हैं 15 साल का पैसा

सस्ता हैं बीएस नंबर प्लेट लेना, मात्र 2 साल का देना हैं टैक्स, सामान्य प्लेट पर लगता हैं 15 साल का  पैसा

ज़्यादा राज्यो में सफ़र करने वाले या रहने वाले लोगो के लिए BH नंबर प्लेट बेहद फायदेमंद है, ख़ासकर जिनका अक्सर ट्रांसफर होता रहता है।

बीएच सीरीज नंबर प्लेट्स को इन क्षेत्रों के लोग ले सकते हैं ।

केन्द्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारी.

बीएचईएल, ओएनजीसी और बीएसएनएल जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी.
सेना एवं रक्षा बलों के कर्मी.

ऐसी निजी क्षेत्र की कंपनी या संगठन के कर्मचारी, जिनके कम से कम चार राज्यों/यूनियन टेरिटरी में दफ्तर हों.

यह नंबर प्लेट्स सिर्फ नए, निजी और नॉन ट्रांसपोर्ट वाहनों के लिए ही उपलब्ध है। पुराने वाहनों और कमर्शियल इस्तेमाल के वाहनों पर बीएच नंबर प्लेट्स की सुविधा नहीं है। पहचानने में है आसान बीएच नंबर प्लेट देखने में बिलकुल सामान्य नंबर प्लेट्स की तरह ही लगती है। बस इस पर नंबर अंकित करने का तरीका थोड़ा अलग होता है। जैसे कि इसमें सबसे आगे बीएच अंकित होता है, जिसका अर्थ है भारत |

इसके बाद वाहन का चार अंकों वाला रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित किया जाता है और अंत में वाहन की श्रेणी अंकित होती है। इसके लिए सरकारी कर्मचारियों को अपना आधिकारिक पहचान-पत्र, अपने डीलर के समक्ष प्रस्तुत करना होगा और निजी सेक्टर में कार्य करने वाले इसकी पात्रता के लोगों को फार्म 60 भरकर अपने डीलर कितना लगेगा टैक्स के पास जमा कराना होगा। इसके बाद आपके वाहन का डीलर बीएच सीरीज नंबर के लिए आवेदन करेगा, जो कुछ दिनों में आपको प्राप्त हो जाएगा।

जानिए BH Number Plate Costing
एक बात ध्यान रखने की जरूरत है कि वर्तमान में आमतौर पर साधारण नंबर प्लेट की कोई नई गाड़ी खरीदने पर 15 वर्ष का रोड टैक्स एकमुश्त अदा करना होता है, जो कि वाहन की लंबाई, इंजन की क्षमता और उसके प्रकार पर निर्भर करता है। पर बीएच सीरीज नंबर प्लेट लेने पर आने वाले दो वर्षों का ही रोड टैक्स जमा कराना होता है, जो हर दो वर्ष की अवधि पर फिर से जमा कराना होता है। बीएच सीरीज की नंबर प्लेट वाली गाड़ियों पर रोड टैक्स, वाहन की कुल कीमत से जीएसटी हटाकर आंका जाता है।

इसका अर्थ यह है कि यदि आपको वाहन पर अच्छा डिस्काउंट मिला है, तो आपको उस पर रोड टैक्स भी कम ही अदा करना होगा। जैसे पेट्रोल पर चलने वाली 10 लाख से कम की गाड़ियों पर 8 फीसदी, 10 से 20 लाख की कीमत वाली गाड़ियों पर 10 फीसदी और 20 लाख से ज्यादा कीमत की गाड़ियों पर 12 फीसदी रोड टैक्स लगता है, जिनमें डीजल वाली गाड़ियों पर 2 फीसदी टैक्स बढ़ जाता है, वहीं इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर 2 फीसदी टैक्स कम देना पड़ता है। जानकारों का मानना है कि बीएच सीरीज नंबर प्लेट के फायदों की तुलना में नुकसान न के बराबर हैं।

Ronak Lakhani

Ronak Lakhani