तिरुपति बालाजी मंदिर में क्यों करते हैं बालों का दान और फिर क्या होता है इन बालो का??

तिरुपति बालाजी मंदिर में क्यों करते हैं बालों का दान और फिर क्या होता है इन बालो का??

तिरुपति बालाजी मंदिर के बारे में आपने कई बार सुना होगा, यह मंदिर आंध्र प्रदेश राज्य के चित्तौड़ जिले में स्थित है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस मंदिर को देश के सबसे अमीर मंदिर का दर्जा दिया गया है। क्योंकि इस मंदिर में दर्शनार्थियों द्वारा हर साल हजारों करोड़ रुपये का दान दिया जाता है। इसके साथ ही इस मंदिर में एक रिवाज है कि अगर आप यहां दर्शन के लिए जाते हैं तो आपको यहां बाल दान करने होते हैं, यानी यहां आने के बाद आपको रीति के अनुसार दाढ़ी बनानी होती है।

दोस्तों यहां बाल दान करने की परंपरा है, इसका पालन लोग कई सालों से करते आ रहे हैं, लेकिन कई बार सवाल यह भी उठता है कि दान किए गए बालों का क्या किया जाता है? अगर आपके मन में भी यह सवाल आ रहा है तो आज हम आपको इसका जवाब बताएंगे।

ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति यहां दर्शन के लिए आता है, वह अपने पापों, दोषों, बुरे कर्मों, पापों आदि को पीछे छोड़ देता है। जो व्यक्ति को पवित्र बनाता है। इसी के साथ अगर आप यहां केश दान करते हैं, तो मूल बालों के रूप में ये सभी दोष दूर हो जाएंगे. जो व्यक्ति को पूर्ण रूप से पवित्र बनाता है। इसके साथ ही जातक पर मां लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहती है और उसके घर में कभी भी धन की कमी नहीं होती है।

यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और जाते हैं। जो लोग भगवान बालाजी के दर्शन करने के साथ-साथ अपने बालों का दान भी करते हैं। लेकिन यहाँ इतने बालों का क्या किया जाता है? जी हां, यह एक ऐसा सवाल है जो हर किसी के मन में स्वाभाविक रूप से आता है। इसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे।

यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और जाते हैं। जो लोग भगवान बालाजी के दर्शन करने के साथ-साथ अपने बालों का दान भी करते हैं। लेकिन यहाँ इतने बालों का क्या किया जाता है? जी हां, यह एक ऐसा सवाल है जो हर किसी के मन में स्वाभाविक रूप से आता है। इसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे।

इस संबंध में उनका मानना ​​है कि इस बालों से बनने वाले अमीनो एसिड की कीमत 900 रुपये है लेकिन बालों की वजह से भारत में इसे सिर्फ 300 रुपये में बांटा जाता है। विदेशों में भी इसकी काफी डिमांड है। यही वजह है कि विदेशों से भी लोगों ने इसके 180 कंटेनरों की मांग की। जिसमें 40 कंटेनर डिलीवर किए गए हैं। जिससे सरकार को सालाना 12 से 15 करोड़ रुपये का फायदा होता है। अब आप समझ ही गए होंगे कि तिरुपति बालाजी मंदिर में दान किए गए बालों का क्या उपयोग है।

jaimish

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